भारत-कंबोडिया सैन्य अभ्यास CINBAX-II शुरू, थाईलैंड तनाव के बीच बढ़ी रणनीतिक अहमियत
नई दिल्ली: भारत और कंबोडिया के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। भारतीय सेना का एक दल 3 मई 2026 को कंबोडिया के लिए रवाना हो चुका है, जहां दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास CINBAX-II आयोजित किया जाएगा।
यह सैन्य अभ्यास 4 मई से 17 मई 2026 तक कंबोडिया के काम्पोंग स्पू प्रांत स्थित कैंप बेसिल में आयोजित होगा। यह इस अभ्यास का दूसरा संस्करण है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य रिश्तों का संकेत है।
कब और कहां होगा अभ्यास?
यह सैन्य अभ्यास 4 मई से 17 मई 2026 तक कंबोडिया के काम्पोंग स्पू प्रांत के कैंप बेसिल में आयोजित किया जाएगा। यह इस अभ्यास का दूसरा संस्करण है।
⚔️ अभ्यास का उद्देश्य
- दोनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना
- आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन की ट्रेनिंग
- कंपनी-लेवल जॉइंट एक्सरसाइज
- सब-कन्वेंशनल ऑपरेशंस पर फोकस
CINBAX-II का उद्देश्य क्या है?
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और समन्वय को बेहतर बनाना है। यह एक्सरसाइज खास तौर पर सब-कन्वेंशनल ऑपरेशंस यानी आतंकवाद-रोधी अभियानों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों पर केंद्रित होगी।
इस दौरान सैनिकों को कंपनी-लेवल पर संयुक्त ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे वास्तविक हालात में बेहतर तरीके से ऑपरेशन को अंजाम दे सकें।
थाईलैंड-कंबोडिया तनाव के बीच अहम कदम
यह सैन्य अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब कंबोडिया और थाईलैंड के बीच हाल ही में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। साल 2025 में दोनों देशों के बीच दो बार—जुलाई और दिसंबर में—भीषण झड़पें हुई थीं।
- सीमा पर भारी गोलीबारी
- एक-दूसरे पर हवाई हमले
- क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
ऐसे हालात में भारत का कंबोडिया के साथ सैन्य अभ्यास करना रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
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भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को मजबूती
भारत का यह कदम उसकी Act East Policy के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है। कंबोडिया के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाकर भारत इस क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सैन्य अभ्यास:
- आपसी भरोसा बढ़ाते हैं
- रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करते हैं
- क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देते हैं
भविष्य की दिशा
CINBAX-II केवल एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि भारत और कंबोडिया के बीच गहराते रिश्तों का प्रतीक है। यह दोनों देशों को भविष्य में संयुक्त ऑपरेशनों और रक्षा सहयोग के नए अवसर प्रदान करेगा।
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निष्कर्ष
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हालिया तनाव के बीच भारत का यह कदम न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत की क्षेत्रीय रणनीति का भी स्पष्ट संकेत देता है। आने वाले समय में ऐसे अभ्यास दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की भूमिका को और मजबूत करेंगे।











