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सोमवार, 15 जून 2020

अधातु किसे कहते है ? इसके गुणों को लिखें , अधातुओ के उपयोग क्या है ?

अधातु किसे कहते है ? इसके गुणों को लिखें , अधातुओ के उपयोग क्या है ?

आधातु -  वैसे पदार्थ जिसमे तन्यता , आघातवर्ध्यता , धातुई चमक , कठोरता इत्यादि गुण नहीं पाया जाता है | अधातु कहलाता है

 अधातुओ के भौतिक गुण : -


1) धातुई चमक  -  अधातुओ में धातुई चमक नहीं पाई जाती है| अ्थात इसमें एक विशेष प्रकार की चमक नहीं पाई जाती है|  
अपवाद में , ग्रेफाइड , आयोडीन इत्यादि अधातु है फिर भी इसमें धातुई चमक है |
2) कठोरता - अधातुएँ साधारणतः कोमल होती है |
अपवाद , हीरा अधातु है फिर भी सर्वाधिक कठोर होता है |
3) आघातवर्धनीयता - अधाुओ में आघातवर्ध्यता का गुण नहीं पाया जाता है |ठोस अधातुएँ भंगुर होती है |
4) तन्यता - अधातुओ में तन्यता का गुण नहीं पाया जाता है |अ्थात इसका तार नहीं बनाया जा सकता है |
5) विधुत का चालन - अधातुएँ विधुत का कुचालक होती है |
अपवाद , ग्रेफाइड अधातु है लेकिन ये विधुत  का सुचालक होती है |
6) घनत्व - सामा्यतः अधातुओ के घनत्व निम्न अर्थात कम होता है |
7) गलनांक एवं क्वथनांक  - अधातुओ के गलनांक एवं क्वथनांक कम होता है |
8) अवस्था - अधातुएँ प्रायः ठोस या गैस के रूपें होता है |
9) ऊष्मा का  चालन - अधातुएँ प्रायः ऊष्मा की कुचालक होती है |
10) धात्विक ध्वनि - अधातुओ में धात्विक ध्वनि उत्पन्न नहीं होती है |

 अधातु के रासायनिक गुण 

1) अधातुएँ प्रायः विधुत ऋणात्मक होती है |
2) वायु या ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया - अधातुओ को वायु या ऑक्सीजन में जलाने पर वे ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर  अम्लीय ऑक्साइड बनाती है |
3) जल के साथ अभिक्रिया - अधातुएँ प्रायः जल से अभिक्रिया नहीं करी है |
4) अम्लों के साथ अभिक्रिया - अधिकांश अधातुएँ अम्ल से अभिक्रिया नहीं करती है |और जो अधातुएँ अम्ल से अभिक्रिया करती है वे अम्लों से हाइड्रोजन गैस मुक्त नहीं करती है |
5) अधातुओ की क्षारक की अभिक्रिया काफी जटिल होती है|

     अधातुओ के उपयोग : - 

          हमारे दैनिक जीवन में अधातुओ का उपयोग कृषि 
और उधोगो में बड़े पैमाे पर हुआ है |वायुमंडल का निर्माण अधातुओ और उसके यौगिकों  
से हुआ है |वायु पृ्वी पर सभी जैविक क्रियाओं के लिए अनिवार्य है |यह जीवो के श्वशन का एक माध्यम है |हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बना यौगिक जल अ्यंत ही उपयोगी है |

      इसके आलावा भी कुछ अन्य उपयोग मह्वपूर्ण है : -

1) यौगिकों के निर्माण  में - सिलिका ,अमोनिया ,नाइट्रिक अम्ल ,सल्फ्यूरिक अम्ल आदि को बनाने में अधातुओ का मह्वपूर्ण योगदान है |
2) दवाओं के निर्माण में - अधातुओ का उपयोग जैसे गंधक नाइट्रोजन , आदि का उपयोग दवा बनाने में होता है | ब्रोमीन का उपयोग कीटाणुनाशक बनाने में होता है तथा अन्य अधातुओ का भी उपयोग दवा के निर्माण में होता है |
3) उधोगो में - अधातुओ एवं उसके यौगिकों का उपयोग बड़े पैमाने पर उधोगो में होता है है |
जैसे फोटोग्राफी - उधोग में सिल्वर आयोडाइड बनाने में आयोडीन का उपयोग होता है |रंग उधोग में गंधक , नाइट्रोजन , ब्रोमीन आदि का उपयोग किया जाता है |
4) उर्वरक के रूप में - नाइट्रोजन के यौगिक , अमोनियम नाइट्रेट , अमोनियम सल्फेट , अमोनियम फास्फेट आदि का उपयोग उर्वरक के रूप में होता है |
5) विस्फोटक के निर्माण में - नाइट्रिक अम्ल का उपयोग नाइट्रोग्लिसरीन और TNT नामक विस्फोटक के निर्माण में होता है |फास्फोरस का उपयोग आतिशवाजी के सामान बनाने में होता है |
6) रॉकेट ईंधन में - आजकल द्रवीभूत ऑक्सीजन का उपयोग रॉकेट ईंधन में होता है |
7) रेफ्रिजरेशन में - अमोनिया सुगमता पूर्वक द्रवीभूत हो जाता है तथा द्रवित अमोनिया के वाष्पन से ठंडक महसूस होती है इसलिए इसका उपयोग रेफ्रिजरेशन में होता है |
8) अभिकर्मक के रूप में - प्रयोगशाला में नाइट्रोजन , आयोडीन आदि का प्रयोग अभिकर्मक के रूप में होता है |

धातु किसे कहते है? इसके गुण को लिखें ? , इसके गुण को लिखें ? धातुओं के उपयोग को बताएँ ?

धातु किसे कहते है? इसके गुण को लिखें ? इसके गुण को लिखें ? धातुओं के उपयोग को बताएँ ?  

धातु  -  वैसे पदार्थ जिसमे एक विशेष  प्रकार की चमक  होती है , कठोरता , तन्यता , आघातवयता इत्यादि का गुण पाया जाता है धातु कहलाता है |

धातुओं के गुण निम्नलिखित है  -

धातुओं भौतिक गुण -

1) कठोरता (hardness) -  धातुएँ सामान्यतः कठोर होती है , लेकिन उसकी कठोरता एक सामान नहीं होती है |

जैसे लोहा , सोना , चांदी,सोडियम , इयादि |

2) भौतिक अवस्था  -  अधिकांश धातुएँ साधारण ताप पर सामान्यतः ठोस होती है| लेकिन पारा धातु होते हुए भी साधारण ताप पर द्रव है |

3) आघातवर्धनीयता  -  अधिकांश धातुएं आघातवर्ध्य होती है |

4) तन्यता  -  अधिकांश धातुओं में तन्यता का गुण पाया जाता है |उससे तार खींचे जा सकता है |

5) धातुई चमक  - धातुओं में एक विशेष प्रकार की चमक होती है |

6) धात्विक ध्वनि - धातुएं साधारणतया धात्विक ध्वनि उ्पन्न करती है |

7) विधुत चालन - धातुएँ साधारणतया विधुत का सुचालक होती है |

8) ऊष्मा का चालन - धातुएँ ऊष्मा का सुचालक होती है |

9) गलनांक एवं क्वथनांक - धातुओं के गलनांक एवं क्वथनांक उच्च होता है |
10) घनत्व - धातुओं के घनत्व उच्च होता है |

धातुओं के रासायनिक गुण -

1) धातुएँ विधुत धनात्मक होती है |
2) वायु या ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया - धातुएँ वायु या ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके ऑक्ससाइड का निर्माण करती है |
3) जल के साथ अभिक्रिया - धातुएँ जल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्राक्ससाइड बनाती है , तथा हाइड्रोजन गैस मुक्त करती है |
4) अम्लों के साथ अभिक्रिया - अलग - अलग धातुओं की अम्लों के साथ भी अलग - अलग  अभिक्रिया होती है |अधिकांश अभिक्रियाशील धातुएँ अम्लों से अभिक्रिया कर लवण बनाती है तथा हाड्रोजन गैस उत्पन्न करती है 
5) क्षारको के साथ अभिक्रिया - जस्ता एवं ऐलुमिनियम कांस्टिक क्षारो से अभिक्रिया कर हाड्रोजन गैस मुक्त करती है|

    धातुओं के उपयोग निम्नलिखित है -

1) धातुओं में एक विशेष प्रकार की चमक होती है जिसके कारण इसका उपयोग आभूषण के निर्माण में किया जाता है|
2) धातुओं में तन्यता का गुण पाया जाता है इसलिए इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के तार बनाने में होता है |
3) धातुएं विधुत का सुचालक होती है जिसके कारण इसका उपयोग विधुत यंत्रो में किया जाता है |
4) धातुओं में ध्वनि उत्पन्न होती है इसलिए इसका उपयोग धातुएँ घंटी बनाने में किया जाता है |
5) धातुएं ऊष्मा का सुचालक होती है इसलिए इसका उपयोग भोजन पकाने तथा पानी उबालनेवाले बर्तनो के निर्माण में किया जाता है |
6) पारा का उपयोग तापमापी में होता है |
7) सोडियम , टाइटेनियम ,जर्कोनियम आदि धातुओं का उपयोग पसरमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष विज्ञानं के क्षेत्र में किया जाता है |
          देखा जाए तो हमलोग संयुक्त रूप से धातुओं का उपयोग जीवन के हरेक  क्षेत्र में करते है |

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