जबलपुर बरगी डैम हादसा: मां-बेटे की दर्दनाक मौत, 43 में से 28 बचाए गए
लाइफ जैकेट की कमी और अचानक आए तूफान ने ली कई जानें, जांच के आदेश
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू टीम ने पांच और शव बरामद किए, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। प्रशासन के अनुसार, हादसे के वक्त क्रूज पर कुल 43 लोग सवार थे, जिनमें से 28 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि बाकी लोगों की तलाश जारी है।
मां-बेटे की तस्वीर ने झकझोरा
रेस्क्यू के दौरान एक बेहद भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। एक महिला का शव मिला, जो अपने चार साल के बेटे को सीने से लगाए हुए थी। पानी के तेज बहाव के बीच भी मां ने अपने बेटे को नहीं छोड़ा। महिला की पहचान मरिना मैसी और बच्चे की पहचान त्रिशान के रूप में हुई है। यह परिवार दिल्ली से घूमने जबलपुर आया था। हादसे में पिता प्रदीप और बेटी सिया की जान बच गई, लेकिन मां और बेटे को नहीं बचाया जा सका।
लाइफ जैकेट नहीं मिलने का आरोप
हादसे में बची सिया ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, क्रूज पर चढ़ते समय किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। जब बीच नदी में अचानक तूफान आया, तब हालात बिगड़ गए। सिया के पिता और एक अन्य व्यक्ति ने लॉकर तोड़कर लाइफ जैकेट निकाली। तब तक पानी तेजी से अंदर घुसने लगा था और अफरा-तफरी मच गई।
अफरा-तफरी में पलटी नाव
अन्य बचे यात्रियों ने भी बताया कि लाइफ जैकेट अंदर रखी गई थी और समय पर वितरित नहीं की गई। जैसे ही नाव में पानी भरने लगा, जैकेट बांटने की कोशिश हुई, लेकिन धक्का-मुक्की और भगदड़ के बीच कुछ ही पलों में नाव पलट गई।
प्रशासन और मंत्री का बयान
बरगी सीएसपी के अनुसार, अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी मौके पर पहुंचे और घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और जल्द ही पूरी स्थिति साफ हो जाएगी।
जांच के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
इस हादसे ने क्रूज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों को समय पर लाइफ जैकेट न देना और खराब मौसम में क्रूज का संचालन करना बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।
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