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रविवार, 3 मई 2026

स्वदेशी डिफेंस इनोवेशन में बड़ी उपलब्धि: भारत ने LR-AShM हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण किया

 

🇮🇳 स्वदेशी डिफेंस इनोवेशन में बड़ी उपलब्धि




भारत ने लंबी दूरी की हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल (LR-AShM) का सफल परीक्षण किया

नई दिल्ली: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाते हुए ओडिशा तट पर लंबी दूरी की हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल (LR-AShM) का सफल परीक्षण किया है। Defence Research and Development Organisation (DRDO) द्वारा विकसित इस अत्याधुनिक मिसाइल ने लगभग 1500 किलोमीटर की दूरी पर समुद्र में मौजूद अपने लक्ष्य को बेहद सटीकता के साथ भेदा। इस सफलता को भारत की समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

यह मिसाइल हाइपरसोनिक श्रेणी में आती है और इसे Mach 5 से अधिक गति वाले लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी अधिकतम गति Mach 10 तक बताई जा रही है, जो इसे दुनिया की सबसे तेज और घातक एंटी-शिप मिसाइलों में शामिल करती है।


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🔴 DRDO ने नहीं जारी किया आधिकारिक बयान, BJP ने शेयर किया वीडियो

इस परीक्षण के बाद अभी तक DRDO की ओर से कोई आधिकारिक बयान या वीडियो जारी नहीं किया गया है। हालांकि, Bharatiya Janata Party (BJP) ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर इस परीक्षण से जुड़ा एक वीडियो साझा किया है। पोस्ट में दावा किया गया है कि भारत की हाइपरसोनिक क्षमता अब और भी मजबूत हो गई है।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस परीक्षण में मिसाइल के एडवांस्ड टर्मिनल गाइडेंस सिस्टम, हाई-स्पीड मैन्युवरिंग और उड़ान के दौरान किए गए जटिल दांव-पेच (mid-course maneuvers) का सफल प्रदर्शन हुआ। मिसाइल ने लॉन्च से लेकर लक्ष्य पर प्रहार तक मिशन के सभी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया।


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⚙️ LR-AShM मिसाइल की प्रमुख खासियतें

  • स्वदेशी हाइपरसोनिक ग्लाइड हथियार: LR-AShM एक दो-चरणीय (two-stage) सॉलिड-प्रोपेल हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल है, जिसे विशेष रूप से भारतीय नौसेना के लिए विकसित किया गया है।
  • A2/AD क्षमता में इजाफा: यह मिसाइल हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की एंटी-एक्सेस/एरिया-डिनायल (A2/AD) क्षमताओं को काफी मजबूत करती है।
  • अत्यधिक गति और चपलता: मिसाइल Mach 10 तक की गति हासिल कर सकती है और उड़ान के दौरान औसतन Mach 5 की स्पीड बनाए रखती है।
  • रडार से बचने की क्षमता: यह कम ऊंचाई पर अर्ध-बैलिस्टिक (quasi-ballistic) मार्ग अपनाते हुए कई बार “स्किप” करती है, जिससे यह रडार की पकड़ से बचती है।
  • सटीक टारगेटिंग सिस्टम: अंतिम चरण (terminal phase) में यह स्वदेशी सेंसर और एडवांस्ड गाइडेंस सिस्टम का उपयोग कर स्थिर और गतिशील दोनों लक्ष्यों को निशाना बना सकती है।
  • स्वदेशी विकास: इस प्रणाली को DRDO की एडवांस्ड सिस्टम्स लेबोरेटरी (ASL) और विभिन्न औद्योगिक साझेदारों के सहयोग से विकसित किया गया है।
         

🇮🇳 आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी छलांग

ओडिशा तट पर किया गया LR-AShM Phase-II परीक्षण भारत के रक्षा क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूती देती है और दिखाती है कि भारत अत्याधुनिक हाइपरसोनिक तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की मिसाइलें भविष्य के युद्धों में गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं, खासकर समुद्री सुरक्षा और सामरिक संतुलन बनाए रखने में।

पाकिस्तान को मिलेगा J-35 स्टील्थ फाइटर, भारत के लिए कितनी बड़ी चुनौती?

 

पाकिस्तान को मिलेगा चीन का स्टील्थ फाइटर J-35, दक्षिण एशिया में हवाई ताकत का संतुलन बदलने की तैयारी

40 स्टील्थ जेट की डील की चर्चा, भारत के राफेल को टक्कर देने की रणनीति



 

इस्लामाबाद: पाकिस्तान अपनी वायुसेना को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान चीन से करीब 40 अत्याधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट J-35 खरीदने की योजना बना रहा है। अगर यह डील पूरी होती है, तो यह न सिर्फ पाकिस्तान की सैन्य ताकत को बढ़ाएगी, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में हवाई संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है।

यह डील ऐसे समय में सामने आई है जब क्षेत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच सामरिक प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हो रही है। पाकिस्तान J-35 को खास तौर पर भारत के राफेल लड़ाकू विमानों के मुकाबले के रूप में देख रहा है।

क्या है J-35 और क्यों है खास?

J-35 चीन का एक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसे आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह विमान न केवल रडार से बचने में सक्षम है, बल्कि अत्याधुनिक हथियार और सेंसर सिस्टम से लैस है।

  • स्टील्थ टेक्नोलॉजी: बेहद कम रडार क्रॉस सेक्शन, जिससे दुश्मन के रडार से बचना आसान
  • ट्विन इंजन: WS-13 या WS-19 इंजन, बेहतर पावर और विश्वसनीयता
  • अधिकतम गति: लगभग Mach 1.8
  • कॉम्बैट रेंज: 1200–1350 किमी
  • पेलोड क्षमता: कुल 8000 किलोग्राम तक
  • इंटरनल वेपन बे: स्टील्थ बनाए रखते हुए हथियार ले जाने की क्षमता
  • AESA रडार: उन्नत ट्रैकिंग और टारगेटिंग सिस्टम

यह जेट एयर-टू-एयर 

और एयर-टू-ग्राउंड दोनों तरह के मिशनों में सक्षम है, जिससे इसे मल्टीरोल कॉम्बैट प्लेटफॉर्म भी कहा जा सकता है।


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चीन की वैश्विक रणनीति: F-35 को चुनौती

चीन ने J-35 को सिर्फ अपनी सेना के लिए नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए भी विकसित किया है। इसका मकसद अमेरिकी F-35 के वर्चस्व को चुनौती देना है।

F-35 एक अत्याधुनिक लेकिन बेहद महंगा फाइटर जेट है, जिसे हर देश खरीद नहीं सकता। ऐसे में चीन J-35 के जरिए एक सस्ता और प्रभावी विकल्प पेश कर रहा है। पाकिस्तान इस रणनीति का सबसे बड़ा लाभार्थी बन सकता है।

पाकिस्तान-चीन रक्षा संबंध: पुराना भरोसा, नई ताकत

पाकिस्तान और चीन के बीच रक्षा सहयोग कोई नया नहीं है। दोनों देश पहले भी कई संयुक्त प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं, जैसे JF-17 थंडर फाइटर जेट।

J-35 की संभावित डील इस रिश्ते को और मजबूत करेगी। इसके तहत पाकिस्तान को 40 स्टील्थ फाइटर जेट मिल सकते हैं, चीनी विशेषज्ञ पायलटों को ट्रेनिंग देंगे और लॉजिस्टिक व मेंटेनेंस सपोर्ट भी चीन द्वारा प्रदान किया जाएगा।

J-35 vs राफेल: कौन है ज्यादा ताकतवर?

भविष्य में अगर भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई टकराव होता है, तो मुकाबला J-35 और राफेल के बीच देखने को मिल सकता है।

  • J-35: 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर, PL-15 और PL-10 मिसाइल से लैस
  • राफेल: 4.5 पीढ़ी का ओमनीरोल फाइटर, Meteor मिसाइल और SPECTRA सिस्टम से लैस, 9500 किलोग्राम से अधिक पेलोड क्षमता

जहां J-35 स्टील्थ टेक्नोलॉजी के दम पर रडार से बचकर हमला करने में सक्षम है, वहीं राफेल अपनी उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और मारक क्षमता के लिए जाना जाता है।


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डिलीवरी कब तक होगी?

रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान को J-35 फाइटर जेट की डिलीवरी 2026 के अंत तक शुरू हो सकती है। शुरुआती बैच का उपयोग ट्रेनिंग और टेस्टिंग के लिए किया जाएगा, जबकि बाद में इसे पूरी तरह ऑपरेशनल बनाया जाएगा।

दक्षिण एशिया में क्या बदलेगा?

अगर पाकिस्तान को J-35 मिल जाता है, तो वह दक्षिण एशिया का पहला देश बन सकता है, जिसके पास पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर होगा। इससे भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई शक्ति संतुलन पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल तकनीक ही युद्ध का परिणाम तय नहीं करती। पायलट की ट्रेनिंग, रणनीति, इंटेलिजेंस और ऑपरेशन का समन्वय भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।


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निष्कर्ष

पाकिस्तान का J-35 खरीदने का प्लान सिर्फ एक सैन्य सौदा नहीं, बल्कि एक बड़ी रणनीतिक चाल है। यह कदम चीन के बढ़ते रक्षा प्रभाव और दक्षिण एशिया में बदलते शक्ति संतुलन का संकेत देता है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि यह डील कब तक आधिकारिक रूप लेती है और भारत इस चुनौती का जवाब किस तरह देता है।


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भारत-कंबोडिया संयुक्त सैन्य अभ्यास CINBAX-II शुरू, थाईलैंड के साथ तनाव के बीच बढ़ी रणनीतिक अहमियत

 

भारत-कंबोडिया सैन्य अभ्यास CINBAX-II शुरू, थाईलैंड तनाव के बीच बढ़ी रणनीतिक अहमियत

नई दिल्ली: भारत और कंबोडिया के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। भारतीय सेना का एक दल 3 मई 2026 को कंबोडिया के लिए रवाना हो चुका है, जहां दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास CINBAX-II आयोजित किया जाएगा।

यह सैन्य अभ्यास 4 मई से 17 मई 2026 तक कंबोडिया के काम्पोंग स्पू प्रांत स्थित कैंप बेसिल में आयोजित होगा। यह इस अभ्यास का दूसरा संस्करण है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य रिश्तों का संकेत है।

  


कब और कहां होगा अभ्यास?

यह सैन्य अभ्यास 4 मई से 17 मई 2026 तक कंबोडिया के काम्पोंग स्पू प्रांत के कैंप बेसिल में आयोजित किया जाएगा। यह इस अभ्यास का दूसरा संस्करण है।

⚔️ अभ्यास का उद्देश्य

  • दोनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना
  • आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन की ट्रेनिंग
  • कंपनी-लेवल जॉइंट एक्सरसाइज
  • सब-कन्वेंशनल ऑपरेशंस पर फोकस

CINBAX-II का उद्देश्य क्या है?

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और समन्वय को बेहतर बनाना है। यह एक्सरसाइज खास तौर पर सब-कन्वेंशनल ऑपरेशंस यानी आतंकवाद-रोधी अभियानों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों पर केंद्रित होगी।

इस दौरान सैनिकों को कंपनी-लेवल पर संयुक्त ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे वास्तविक हालात में बेहतर तरीके से ऑपरेशन को अंजाम दे सकें।

थाईलैंड-कंबोडिया तनाव के बीच अहम कदम

यह सैन्य अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब कंबोडिया और थाईलैंड के बीच हाल ही में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। साल 2025 में दोनों देशों के बीच दो बार—जुलाई और दिसंबर में—भीषण झड़पें हुई थीं।

  • सीमा पर भारी गोलीबारी
  • एक-दूसरे पर हवाई हमले
  • क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

ऐसे हालात में भारत का कंबोडिया के साथ सैन्य अभ्यास करना रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।


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भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को मजबूती

भारत का यह कदम उसकी Act East Policy के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है। कंबोडिया के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाकर भारत इस क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सैन्य अभ्यास:

  • आपसी भरोसा बढ़ाते हैं
  • रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करते हैं
  • क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देते हैं

भविष्य की दिशा

CINBAX-II केवल एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि भारत और कंबोडिया के बीच गहराते रिश्तों का प्रतीक है। यह दोनों देशों को भविष्य में संयुक्त ऑपरेशनों और रक्षा सहयोग के नए अवसर प्रदान करेगा।


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निष्कर्ष

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हालिया तनाव के बीच भारत का यह कदम न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत की क्षेत्रीय रणनीति का भी स्पष्ट संकेत देता है। आने वाले समय में ऐसे अभ्यास दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की भूमिका को और मजबूत करेंगे।


Siwan Encounter News: 25 हजार इनामी Sonu Yadav ढेर, Harsh Murder Case का मुख्य आरोपी खत्म

 

सिवान में एनकाउंटर: 25 हजार का इनामी सोनू यादव ढेर, हर्ष हत्याकांड का मुख्य आरोपी खत्म

बड़हरिया इलाके में पुलिस मुठभेड़, हालिया फायरिंग कांड के आरोपी का अंत; एक गिरफ्तार, एक घायल

  


बिहार के सिवान जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 हजार के इनामी कुख्यात अपराधी सोनू यादव को एनकाउंटर में मार गिराया है। यह मुठभेड़ बड़हरिया थाना क्षेत्र के गौशीहाता गांव के समीप हुई।

पुलिस के अनुसार, सोनू यादव हाल ही में हुए फायरिंग कांड का मुख्य आरोपी था, जिसमें एमएलसी मनोज सिंह के बहनोई और उनके भांजे हर्ष सिंह को निशाना बनाया गया था। इस हमले में हर्ष कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज पटना में चल रहा है।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल था और पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया था। इसी बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि सोनू यादव अपने साथियों के साथ बड़हरिया क्षेत्र में छिपा हुआ है।

सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। जब पुलिस टीम ने दबिश दी तो अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें सोनू यादव मारा गया।

इस मामले में पुलिस ने एक अन्य आरोपी सुनील यादव को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी घायल अवस्था में पटना में इलाजरत है। अन्य फरार अपराधियों की तलाश जारी है।


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पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

गया में चेन पुलिंग के बाद युवती से गैंगरेप, 10 संदिग्ध हिरासत में

 

 गया में चेन पुलिंग कर युवती को उतारकर सामूहिक दुष्कर्म, 10 संदिग्ध हिरासत में





रेल यात्रा बनी खौफनाक, साजिश के तहत उतारकर किया गया अपराध

गया: बिहार के गया-पटना रेल खंड पर एक बेहद सनसनीखेज और शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां एक युवती को ट्रेन से जबरन उतारकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। यह वारदात बेला और नेयामतपुर स्टेशन के बीच बेलागंज थाना क्षेत्र में हुई।

🔴 ट्रेन से उतरते ही घात लगाए बैठे थे दरिंदे

पीड़िता जहानाबाद जिले की रहने वाली बताई जा रही है, जो गया अपने रिश्तेदार के यहां जा रही थी। वह जहानाबाद स्टेशन से ट्रेन में सवार हुई थी, लेकिन रास्ते में साजिश के तहत चेन पुलिंग की गई।

जैसे ही ट्रेन बेला-नेयामतपुर के बीच रुकी, युवती अनजाने में नीचे उतर गई—और वहीं पहले से मौजूद 4 से अधिक दरिंदों ने उसे पकड़ लिया और वारदात को अंजाम दिया।

⚠️ पहले से रची गई थी पूरी साजिश

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह पूरी घटना योजनाबद्ध थी। अपराधियों ने पहले से चेन पुलिंग की योजना बनाई और युवती को निशाना बनाकर ट्रेन से उतरवाया। इसके बाद सुनसान इलाके में सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

🏥 पीड़िता ने दी सूचना, पुलिस सक्रिय

घटना के बाद पीड़िता ने किसी तरह पुलिस को सूचना दी। बेलागंज थाना की टीम मौके पर पहुंची और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं।


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👮‍♂️ 10 संदिग्ध हिरासत में, जांच तेज

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पूछताछ जारी है और पुलिस के अनुसार 6 से अधिक लोग सीधे तौर पर इस अपराध में शामिल हैं।

🗣️ क्या बोले थानाध्यक्ष?

बेलागंज थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडे ने कहा:

“मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।”


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  प्रशासन सतर्क, न्याय का भरोसा

इस घटना के बाद इलाके में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने पीड़िता की सुरक्षा और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।


शनिवार, 2 मई 2026

भारत 30 साल से कॉन्ट्रैक्ट में उलझा, पाकिस्तान को मिली चीन की एडवांस पनडुब्बी – समुद्री ताकत का बदलता संतुलन

 

भारत 30 साल से कॉन्ट्रैक्ट में उलझा, पाकिस्तान को मिली चीन की एडवांस पनडुब्बी – समुद्री ताकत का बदलता संतुलन

नई दिल्ली/इस्लामाबाद/बीजिंग: दक्षिण एशिया में समुद्री ताकत का संतुलन तेजी से बदलता नजर आ रहा है। चीन ने 30 अप्रैल को पाकिस्तान नौसेना को हैंगोर क्लास की एडवांस पनडुब्बी सौंप दी है। यह पनडुब्बी एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक से लैस है, जिससे यह लंबे समय तक पानी के भीतर रहकर ऑपरेशन कर सकती है।

यह डील कुल 8 पनडुब्बियों की है, जिसमें से 4 का निर्माण चीन में किया जा रहा है, जबकि बाकी 4 पाकिस्तान में ही बनाई जाएंगी। इस प्रोजेक्ट के जरिए चीन पाकिस्तान को सिर्फ पनडुब्बियां ही नहीं दे रहा, बल्कि उसे तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।

विशेषज्ञ इस पूरे प्रोजेक्ट की तुलना पाकिस्तान के JF-17 फाइटर जेट प्रोग्राम से कर रहे हैं, जहां चीन ने तकनीक ट्रांसफर कर पाकिस्तान में उत्पादन क्षमता विकसित की थी। अब इसी मॉडल को पनडुब्बी निर्माण में भी लागू किया जा रहा है।

पाकिस्तान को क्या मिलेगा फायदा?




  • आधुनिक तकनीक से लैस पनडुब्बियां
  • नौसेना की अंडरवाटर युद्ध क्षमता में बढ़ोतरी
  • AIP तकनीक से लंबे समय तक पानी में रहने की क्षमता
  • भविष्य में खुद पनडुब्बी निर्माण की क्षमता

भारत की स्थिति: Project 75-I अब भी लंबित

दूसरी ओर भारत का बहुप्रतीक्षित Project 75-I अभी तक फाइनल नहीं हो सका है। इस प्रोजेक्ट के तहत भारतीय नौसेना के लिए 6 एडवांस पनडुब्बियों का निर्माण किया जाना है।

इस प्रोजेक्ट में जर्मनी की कंपनी Thyssenkrupp Marine Systems (TKMS) और भारत की Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDL) के बीच साझेदारी की योजना है। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 8 से 10 अरब डॉलर के बीच बताई जा रही है, लेकिन लंबे समय से यह योजना कॉन्ट्रैक्ट स्टेज में ही अटकी हुई है।


जबलपुर बरगी डैम हादसा: मां-बेटे की दर्दनाक मौत, 43 में से 28 बचाए गए

रणनीतिक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के लिए नई चुनौती पैदा कर सकता है। एक तरफ चीन तेजी से अपने सहयोगियों को उन्नत सैन्य तकनीक दे रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत के कुछ अहम रक्षा प्रोजेक्ट्स में देरी चिंता का विषय बनी हुई है।

निष्कर्ष

चीन द्वारा पाकिस्तान को हैंगोर क्लास पनडुब्बी सौंपना सिर्फ एक रक्षा सौदा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में बदलाव का संकेत है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि भारत अपने लंबित प्रोजेक्ट्स को कितनी तेजी से आगे बढ़ाता है।

शुक्रवार, 1 मई 2026

जबलपुर बरगी डैम हादसा: मां-बेटे की दर्दनाक मौत, 43 में से 28 बचाए गए

 

जबलपुर बरगी डैम हादसा: मां-बेटे की दर्दनाक मौत, 43 में से 28 बचाए गए

लाइफ जैकेट की कमी और अचानक आए तूफान ने ली कई जानें, जांच के आदेश


जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू टीम ने पांच और शव बरामद किए, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। प्रशासन के अनुसार, हादसे के वक्त क्रूज पर कुल 43 लोग सवार थे, जिनमें से 28 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि बाकी लोगों की तलाश जारी है।

मां-बेटे की तस्वीर ने झकझोरा





रेस्क्यू के दौरान एक बेहद भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। एक महिला का शव मिला, जो अपने चार साल के बेटे को सीने से लगाए हुए थी। पानी के तेज बहाव के बीच भी मां ने अपने बेटे को नहीं छोड़ा। महिला की पहचान मरिना मैसी और बच्चे की पहचान त्रिशान के रूप में हुई है। यह परिवार दिल्ली से घूमने जबलपुर आया था। हादसे में पिता प्रदीप और बेटी सिया की जान बच गई, लेकिन मां और बेटे को नहीं बचाया जा सका।

लाइफ जैकेट नहीं मिलने का आरोप

हादसे में बची सिया ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, क्रूज पर चढ़ते समय किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। जब बीच नदी में अचानक तूफान आया, तब हालात बिगड़ गए। सिया के पिता और एक अन्य व्यक्ति ने लॉकर तोड़कर लाइफ जैकेट निकाली। तब तक पानी तेजी से अंदर घुसने लगा था और अफरा-तफरी मच गई।

अफरा-तफरी में पलटी नाव

अन्य बचे यात्रियों ने भी बताया कि लाइफ जैकेट अंदर रखी गई थी और समय पर वितरित नहीं की गई। जैसे ही नाव में पानी भरने लगा, जैकेट बांटने की कोशिश हुई, लेकिन धक्का-मुक्की और भगदड़ के बीच कुछ ही पलों में नाव पलट गई।

प्रशासन और मंत्री का बयान

बरगी सीएसपी के अनुसार, अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी मौके पर पहुंचे और घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और जल्द ही पूरी स्थिति साफ हो जाएगी।

जांच के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

इस हादसे ने क्रूज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों को समय पर लाइफ जैकेट न देना और खराब मौसम में क्रूज का संचालन करना बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।


© 2026 न्यूज़ अपडेट

LPG Price Hike: 19KG कमर्शियल सिलेंडर ₹993 महंगा, छोटकू सिलेंडर के दाम बढ़े | Latest News 2026

 

महंगाई का बड़ा झटका: कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹993 महंगा, कारोबारियों और मजदूरों पर बढ़ा दबाव





चुनाव नतीजों से पहले कीमतों में उछाल, 19 KG सिलेंडर ₹3071.50 पहुंचा; छोटकू सिलेंडर भी महंगा

बंगाल समेत देश के 5 राज्यों के चुनाव नतीजे 4 मई को आने वाले हैं। ऐसे समय में जब पूरे देश की नजरें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, उससे ठीक पहले आम जनता और खासकर व्यापारियों को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई है।

ताजा बढ़ोतरी के मुताबिक, 19 KG कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹993 तक का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3071.50 हो गई है। यह कीमत पहले के मुकाबले काफी ज्यादा है, जिससे कारोबारियों की लागत अचानक बढ़ गई है।

होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर सीधा असर

कमर्शियल LPG सिलेंडर का सबसे ज्यादा उपयोग होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और छोटे फूड बिजनेस में किया जाता है। ऐसे में कीमतों में इस तरह की भारी बढ़ोतरी से इन व्यवसायों की लागत पर सीधा असर पड़ेगा। छोटे दुकानदारों और उद्यमियों के लिए यह बढ़ोतरी किसी बड़े झटके से कम नहीं है।

व्यापारियों का कहना है कि यदि लागत इसी तरह बढ़ती रही, तो उन्हें मजबूरी में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं। इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा और रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं।

बाजार का गणित बिगड़ने की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अचानक बढ़ोतरी से बाजार का पूरा संतुलन बिगड़ सकता है। जब इनपुट कॉस्ट बढ़ती है, तो उसका असर सप्लाई चेन के हर स्तर पर देखने को मिलता है। इससे महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है, जो पहले से ही आम लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

छोटकू (5 KG) सिलेंडर भी हुआ महंगा

सिर्फ कमर्शियल सिलेंडर ही नहीं, बल्कि 5 KG का छोटकू (FTL) LPG सिलेंडर भी महंगा कर दिया गया है। इसकी कीमत में ₹261 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। यह छोटा सिलेंडर आमतौर पर गरीब और दिहाड़ी मजदूर वर्ग के लोग इस्तेमाल करते हैं, जिनके पास बड़े सिलेंडर लेने की सुविधा नहीं होती।

ऐसे में इस बढ़ोतरी का सीधा असर दिहाड़ी मजदूरों और छोटे कामगारों पर पड़ने की पूरी संभावना है। पहले से ही सीमित आय में गुजारा करने वाले इन लोगों के लिए यह अतिरिक्त बोझ उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को और मुश्किल बना सकता है।

आम जनता पर बढ़ेगा दबाव

कमर्शियल और छोटकू दोनों सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी का असर धीरे-धीरे आम जनता तक पहुंचेगा। जहां एक ओर कारोबारियों की लागत बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर मजदूर वर्ग पर सीधा आर्थिक दबाव बढ़ेगा। यह स्थिति महंगाई के मौजूदा दौर को और गंभीर बना सकती है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, LPG सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोतरी सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि इसका असर देश की अर्थव्यवस्था, बाजार और आम आदमी की जिंदगी पर गहराई से पड़ने वाला है। चुनावी माहौल के बीच आई यह महंगाई लोगों के लिए चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही है। आने वाले दिनों

गुरुवार, 30 अप्रैल 2026

बड़ी खबर: बिहार में CO हड़ताल खत्म, 4 मई से फिर शुरू होगा कामकाज

 

पटना से बड़ी खबर: अंचलाधिकारियों की हड़ताल स्थगित, 4 मई से कामकाज होगा बहाल





जनहित को प्राथमिकता देते हुए लिया गया फैसला, सरकार पर जताया भरोसा

पटना: बिहार से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से अनिश्चितकालीन सामूहिक हड़ताल पर गए अंचलाधिकारियों (CO) ने आखिरकार अपनी हड़ताल स्थगित करने का निर्णय ले लिया है। यह हड़ताल 09 मार्च 2026 से जारी थी, जिसका असर राज्य के प्रशासनिक कार्यों और आम जनजीवन पर साफ तौर पर देखा जा रहा था। अब इस फैसले के बाद 04 मई 2026 से राज्य के सभी अंचलों में कामकाज फिर से सामान्य होने की उम्मीद है।

संयुक्त मोर्चा का बड़ा ऐलान

बिहार राजस्व सेवा महासंघ के संयुक्त मोर्चा ने आधिकारिक रूप से जानकारी देते हुए बताया कि सभी राजस्व अधिकारियों ने सर्वसम्मति से हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह फैसला आम जनता को हो रही परेशानियों और प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

संयुक्त मोर्चा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वे राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व और उनकी कार्यशैली पर पूर्ण विश्वास रखते हैं। इसी विश्वास के आधार पर उन्होंने यह कदम उठाया है, ताकि सरकार के साथ संवाद के जरिए लंबित मांगों का समाधान निकाला जा सके।

4 मई से फिर संभालेंगे कार्यभार

हड़ताल समाप्त होने के बाद अब सभी अंच

लाधिकारी 4 मई को अपने-अपने पदस्थापन स्थल पर योगदान देंगे। इसके साथ ही राज्य के अंचलों में रुके हुए कामकाज—जैसे जमीन से जुड़े मामले, दाखिल-खारिज, प्रमाण पत्र जारी करना आदि—फिर से शुरू हो जाएंगे।

इस हड़ताल के कारण आम जनता को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब इस निर्णय से लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

सरकार से 11 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की उम्मीद

संयुक्त मोर्चा ने यह भी उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार जल्द ही उनकी लंबित मांगों पर ठोस और सकारात्मक कदम उठाएगी। विशेष रूप से 05 मार्च 2026 को प्रस्तुत 11 सूत्रीय मांग-पत्र पर गंभीरता से विचार करते हुए समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।

मुख्य मांगों में भूमि सुधार उप समाहर्ता (LRDC) के पद को पूरी तरह से राजस्व विभाग के अधीन लाने की बात शामिल है, ताकि प्रशासनिक और कार्यात्मक नियंत्रण बेहतर तरीके से हो सके। इसके अलावा, राजस्व सेवा के अंतर्गत अधिसूचित सभी पदों पर विधिवत नियुक्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

सरकार पर भरोसा, संवाद से समाधान की उम्मीद

संयुक्त मोर्चा ने अपने बयान में दोहराया कि उन्हें राज्य सरकार और विशेष रूप से मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि सरकार राजस्व सेवा से जुड़े सभी न्यायोचित मुद्दों के समाधान के लिए संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।

साथ ही, मोर्चा ने यह भी स्पष्ट किया कि वे भविष्य में भी सरकार के साथ रचनात्मक संवाद और सहयोग के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

आम जनता को मिलेगी राहत

हड़ताल समाप्त होने के इस फैसले से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। पिछले करीब दो महीनों से रुके हुए सरकारी काम अब तेजी से पूरे होने की उम्मीद है। खासकर ग्रामीण और जमीन से जुड़े मामलों में अब गति आएगी, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बन सकेगी।

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026

राघव चड्ढा का AAP से इस्तीफा, बोले- दो तिहाई सांसदों के साथ BJP में करेंगे विलय

 

राघव चड्ढा का AAP से इस्तीफा, बोले- दो तिहाई सांसदों के साथ BJP में करेंगे विलय

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी (AAP) से अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। राघव चड्ढा ने कहा कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और आदर्शों से भटक चुकी है, जिसके चलते उन्होंने यह फैसला लिया।

‘गलत पार्टी में सही आदमी’ – राघव चड्ढा का बड़ा बयान

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने भावुक अंदाज में कहा, "मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं।" उन्होंने खुद को "गलत पार्टी में सही आदमी" बताते हुए कहा कि पार्टी के मौजूदा स्वरूप में वे घुटन महसूस कर रहे थे।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा और करीब 15 साल का समय दिया, लेकिन अब पार्टी अपने मूल नैतिक मूल्यों से भटक चुकी है और निजी फायदे के लिए काम कर रही है।




दो-तिहाई सांसदों के साथ विलय का दावा

राघव चड्ढा ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसद उनके साथ हैं और वे सभी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय करेंगे।

उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत सांसदों ने हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। जिन नेताओं के नाम सामने आए हैं, उनमें हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और अशोक मित्तल शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

बीजेपी में शामिल होने की तैयारी

बताया जा रहा है कि राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल बीजेपी दफ्तर पहुंच चुके हैं, जहां वे पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर औपचारिक रूप से सदस्यता ले सकते हैं। इससे संकेत मिलते हैं कि आने वाले दिनों में यह राजनीतिक बदलाव और तेज हो सकता है।

राज्यसभा में AAP की स्थिति पर असर

आम आदमी पार्टी के पास राज्यसभा में कुल 10 सांसद थे, जिनमें 7 पंजाब और 3 दिल्ली से थे। लेकिन ताजा घटनाक्रम के बाद पार्टी की स्थिति कमजोर होती नजर आ रही है।

यदि राघव चड्ढा का दावा सही साबित होता है, तो पार्टी के पास राज्यसभा में सिर्फ कुछ ही सांसद रह जाएंगे, जिनमें संजय सिंह, एनडी गुप्ता और बलबीर सिंह सिच्चेवाल जैसे नाम शामिल हैं।

संसद में AAP हुई कमजोर

इस घटनाक्रम को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। तीन प्रमुख नेताओं—राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल—के इस्तीफे और संभावित विलय के दावे ने पार्टी की संसदीय ताकत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

बगावत के पीछे की वजह

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बगावत के पीछे हाल के चुनावी नतीजे और पार्टी के अंदरूनी मतभेद बड़ी वजह हो सकते हैं। दिल्ली चुनाव में हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा था।

संदीप पाठक, जो कभी पार्टी की रणनीति के प्रमुख चेहरे थे, उन्हें धीरे-धीरे किनारे किया गया। इससे पार्टी के अंदर असंतुलन और असंतोष बढ़ा, जो अब खुलकर सामने आ गया है।

AAP के भविष्य पर सवाल

इस बड़ी टूट ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी के भविष्य और संगठनात्मक एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि पार्टी इस संकट से कैसे उबरती है।

निष्कर्ष

राघव चड्ढा का इस्तीफा और दो-तिहाई सांसदों के साथ विलय का दावा भारतीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। हालांकि, अभी इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि और आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।

सिंधु जल संधि पर भारत का बड़ा फैसला | पाकिस्तान UNSC पहुंचा | Indus Water Treaty News 2026

 

सिंधु जल संधि पर भारत का बड़ा फैसला, पाकिस्तान की बढ़ी बेचैनी

UNSC में पहुंचा पाकिस्तान, समझौता लागू कराने की लगाई गुहार

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चला आ रहा सिंधु जल समझौता एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में आ गया है। भारत द्वारा इस संधि को स्थगित करने के फैसले ने न सिर्फ दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल मचा दी है। पाकिस्तान ने इस मामले को गंभीर बताते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का दरवाजा खटखटाया है और भारत से इस समझौते को पुनः लागू करने की मांग की है।

यह मामला केवल दो देशों के बीच पानी के बंटवारे का नहीं रह गया है, बल्कि अब यह कूटनीतिक, रणनीतिक और मानवीय मुद्दे का रूप ले चुका है।





🔴 सिंधु जल संधि: इतिहास और महत्व

सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ एक ऐतिहासिक समझौता है। इस समझौते को विश्व बैंक की मध्यस्थता में अंतिम रूप दिया गया था। उस समय दोनों देशों के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण थे, लेकिन इसके बावजूद इस समझौते को सफलतापूर्वक लागू किया गया।

  • पूर्वी नदियां (रावी, ब्यास, सतलुज) का नियंत्रण भारत को मिला
  • पश्चिमी नदियां (सिंधु, झेलम, चिनाब) का पानी पाकिस्तान को आवंटित किया गया

यह समझौता इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच कई युद्ध और संघर्ष होने के बावजूद यह संधि लगातार लागू रही।




🔴 भारत का फैसला: क्यों लिया गया इतना बड़ा कदम?

23 अप्रैल 2025 को भारत ने अचानक यह घोषणा की कि वह सिंधु जल संधि को स्थगित कर रहा है। यह फैसला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक भीषण आतंकी हमले के तुरंत बाद लिया गया।

  • 26 लोगों की मौत हुई
  • मृतकों में अधिकांश पर्यटक थे
  • हमले की जिम्मेदारी TRF (The Resistance Front) ने ली

भारत ने कड़ा संदेश देते हुए कहा:

"खून और पानी साथ नहीं बह सकते"

🔴 पाकिस्तान पर इसका असर

भारत के इस फैसले का सबसे बड़ा असर पाकिस्तान पर पड़ा है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और उसकी कृषि प्रणाली काफी हद तक सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर करती है।

  • लगभग 80% खेती सिंधु बेसिन पर आधारित है
  • पंजाब और सिंध प्रांत इन नदियों पर निर्भर हैं
  • लाखों किसानों की आजीविका इससे जुड़ी है

पानी की कमी से खाद्य संकट और आर्थिक नुकसान हो सकता है।

🔴 UNSC में पाकिस्तान की अपील

पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से आग्रह किया कि भारत को संधि का पालन करने के लिए बाध्य किया जाए।

  • संधि को पूरी तरह लागू किया जाए
  • डेटा साझा करने की प्रक्रिया बहाल हो
  • पानी को राजनीतिक हथियार न बनाया जाए

🔴 भारत का रुख

भारत का कहना है कि आतंकवाद और सहयोग साथ-साथ नहीं चल सकते। भारत ने यह भी कहा कि संधि आपसी विश्वास पर आधारित है, जिसे पाकिस्तान ने कमजोर किया है।

🔴 अंतरराष्ट्रीय असर

यह मुद्दा अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद दक्षिण एशिया में तनाव को बढ़ा सकता है और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

🔴 निष्कर्ष

सिंधु जल संधि पर बढ़ता यह विवाद अब केवल द्विपक्षीय मुद्दा नहीं रहा। यह वैश्विक स्तर पर जल संसाधनों और कूटनीति का महत्वपूर्ण उदाहरण बनता जा रहा है।

👉 अब पानी भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति का बड़ा हथियार बन चुका है।

शनिवार, 13 जनवरी 2024

Dhruv Jurel Team bharat : भारतीय क्रिकेट की टेस्ट टीम में शामिल हुआ ध्रुव जुरेल

 Dhruv Jurel Team bharat : भारतीय क्रिकेट की टेस्ट टीम में शामिल हुआ ध्रुव जुरेल 

   India vs England : भारत ने हाल ही  में भारत इंग्लैंड के बीच होने वाली दो टेस्ट मैचों के लिए टीम की घोषणा कर दी है जिसमे Dhruv Jurel को भी शामिल किया गया है | 


  India vs England and Dhruv Jurel : भारत ने 25 जनवरी 2024  से  इंडिया और इंग्लैंड के बिच शुरू हो रही टेस्ट मैचों के सीरीज के लिए शुरुआती दो मैचों के लिए टीम की घोषणा कर दी है | इस टेस्ट सीरीज की शुरुआती दो मैचों के लिए   ध्रुव जुरेल को भी शामिल किया गया है | 

      ध्रुव जुरेल के बारे में बातते चले तो ध्रुव जुरेल इंडियन प्रेमियर लीग में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते है ये उत्तरप्रदेश और रेस्ट ऑफ़ इंडिया के लिए भी खेल चूका है | ध्रुव जुरेल का घरेलु मैचों में अच्छा प्रदर्शन रहा है  | उनका रिकॉर्ड अच्छा है | 

   बी सी सी आई ने शुक्रवार की रात ,  इंग्लैंड और भारत के बीच होने वाली टेस्ट  क्रिकेट सीरीज के लिए शुरुआती दो मैचों के लिए टीम की घोषणा की है |  इसमें कई बड़े खिलाडी का नाम नहीं था लेकिन ध्रुव जुरेल का नाम आते ही सबको चौका दिया है | ध्रुव जुरेल ने घरेलु मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है | हो सकता है की ध्रुव जुरेल का घरेलु प्रदर्शन अच्छा रहा है और यह सीरीज घरेलु मैदान पर हो रहा है  इसलिए घरेलु मैदान पर होने वाली सीरीज के लिए मौका मिला है वही कई बड़े खिलाडी जगह बनाने में नाकाम रहा है | 

       खबर के अनुसार ध्रुव जुरेल एक आर्मी का बेटा  है इनके पिता आर्मी में रह चुके है वे कारगिल युध्य लड़ चुके है | खबर निकल कर यह भी आ रही है की ध्रुव जुरेल के पिता चाहते थे की उनका बेटा  ध्रुव ,  नेशनल डिफेंस एकेडमी  ज्वाइन करके फौजी बने और देश की सेवा करे लेकिन ध्रुव जुरेल को क्रिकेट पसंद था और इन्होने क्रिकेट को चुना हालाँकि ध्रुव के इस फैसले से उनके पिता का कोई आपत्ति नहीं था | 

       



शुक्रवार, 12 जनवरी 2024

पटना में ठण्ड के कारण नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल बंद डी एम ने जारी किया आदेश

 पटना में ठण्ड के कारण नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल बंद  डी एम ने जारी किया आदेश 


   SCHOOL CLOSE : PATNA में ठण्ड के कारन नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल बंद , सिर्फ कक्षा 9 से ऊपर के बच्चो को ही स्कूल खुला रहेगा |

     PATNA SCHOOL : बिहार में ठण्ड काफी बढ़ गई है , ठण्ड ऐसी हो गई है की हाथ कपकपा जा रहा है ऐसे में पटना जिला प्रशासन ने बहुत बड़ी कदम उठाया है जिला प्रशासन ने  कक्षा नर्सरी से आठवीं तक के बच्चो के स्कूल को लेकर जिला प्रशासन ने बहुत बड़ी फैसला लिया है | 

            PATNA :  बिहार में कनकनी बढ़ने का सिलसिला शुरू हो चूका है कनकनी इतनी ज्यादा बढ़ गया है की इसे देखते हुए प्रशासन ने स्कूल जो बंद करने का फैसला लिया है पटना के जिलाधिकारी इस बात को लेकर आदेश जारी कर दिया है बताते चले की बिहार में कुछ दिनों से बहुत ठण्ड पड़ने लगी है जिससे लोगो का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है  जिसकी वजह से लोगो को कठिनाइयों का सामना करना पड़  रहा है  घने कोहरे ने लोगो के समस्या को और बढ़ा दिया है इसका असर सड़क से लेकर रेल तक पड़ रहा है , घने कोहरे के कारन दुर्घटना होने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता ऐसे में पटना के जिलाधिकारी ने बड़ा फैसला लिया है इसको लेकर डीएम ने नया आदेश जारी कर दिया है इस आदेश के अंतर्गत कक्षा नर्सरी से लेकर आठवीं तक के स्कूल को बंद करने का आदेश दिया गया है अर्थात कक्षा नर्सरी से आठवीं तक के कक्षाओं में छूटी कर दी गई है यह आदेश 16 जनवरी 2024 तक प्रभावी रहेगा , 




      सरकारी स्कूल से साथ साथ निजी स्कूल भी बंद रहेगा 

 पटना डीएम के आदेश में यह स्पष्ट आदेश जारी किया गया है की  सरकारी के साथ साथ निजी स्कूल भी  कक्षा नर्सरी से आठवीं तक बंद रहेगा 

    बताते चले की कक्षा नर्सरी से आठवीं तक को बंद करने के फैसले के साथ साथ कक्षा 9वी से ऊपर के लिए भी आदेश है जिसमे यह आदेश दिया गया है की कक्षा 9 से ऊपर की कक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ही चलेगी 

      इस आदेश से बच्चो के साथ साथ गार्जियन को भी को काफी राहत हुई है |

गुरुवार, 11 जनवरी 2024

JYOTI CNC automation IPO में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की

 JYOTI CNC automation  IPO 

JYOTI CNC automation  IPO में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की 



 JYOTI CNC automation  IPO : नए साल में इस आईपीओ पर निवेशकों  ने जमकर  दांव लगाया है  इस आईपीओ के लिए अप्लाई करने का आज अंतिम दिन था जिसमे निवेशकों  ने इस आईपीओ पर विश्वास कर जमकर दांव लगाया है  इस आईपीओ में अब तक  ओवरआल  40.49 गुना भरा है | 


 share market :   शेयर मार्केट में  JYOTI CNC AUTOMATION  के IPO पर निवेशकों को दांव लगाने का आज अंतिम मौका था | इस  आईपीओ  के इस्सू   में  315-331  का प्राइस बैंड रखा गया था जिसमे एक लोट में 45 शेयर था जिसमे निवेशकों को पैसा लगाना था |  इस आईपीओ को निवेशकों को अच्छा  रेस्पॉन्स मिला है , इस आईपीओ को लगभग 40.49 गुना सब्सक्राइब किया गया है | अगर देखा जाए तो इस IPO  में सबसे ज्यादा Qualified institutional buyer ने  दांव लगाया है |   Qualified institutional buyer ने लगभग इस आईपीओ में 46.37 गुना सब्सक्राइब किया है |    रिटेल  निवेशकों ने  भी दांव लगाया है |इस आईपीओ में रिटेल निवेशकों ने    27.5  गुना सब्सक्राइब किया है | इस आईपीओ में नॉन इंस्टीटूशनल निवेशकों ने 38.37 गुना सब्सक्राइब किया है |  इस IPO  के सदस्ता के लिए 9 जनवरी   2024  में खुला था और 11  जनवरी को यानि आज बंद हो गया |  12 जनवरी को इसके शेयर का अलॉटमेंट हो सकता है | 16  जानकारी को इसके शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होंगे |

   JYOTI CNC AUTOMATION की डिटेल्स : 

               JYOTI CNC AUTOMATION  के IPO का साइज    30211480  शेयरों का है |  इस शेयर के फेस वैलु 2रुपये है यह कंपनी IPO  के द्वारा 1000  लाख करोड़ जुटाना चाहती है |  इस कंपनी के IPO   के प्राइस बैंड 315  रूपए से 331  रूपए प्रति शेयर है | यह  NSE और  BSE दोनों  पर लिस्ट होंगे | इस कंपनी के 1 एक लोट का साइज देखा जाए तो 45  शेयर का है | जिसके लिए निवेशकों को कम से कम  14895 रुपये का निवेश करना पड़ा है | 


              क्या करती है कंपनी 

 Jyoti CNC automation  , सी एन सी    मशीन बनाती है इसकी दो मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज है एक गुजरात  में तथा दूसरा फ़्रांस में  | Jyoti CNC automation  के भारत के आलावा विदेशो में भी क्लाइंट है |  iइसके कस्टमर की बात करे तो यह इसरो , टाटा एडवांसेस सिस्टम , रोलेक्स किंग्स ,  ब्रम्होस ऐरोस्पेस , टर्कीश  ऐरोस्पेस इत्यादि को  प्रोडक्ट को सप्लाई करती है | 


  

          


केके पाठक ने दिया शिक्षा विभाग से इस्तीफा, खुद ही पद छोड़ा

 केके पाठक ने दिया शिक्षा विभाग से इस्तीफा, खुद ही पद छोड़ा


 KK Pathak Resign : बिहार के अपर शिक्षा सचिव केके पाठक ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने स्वत: ही अपना पद छोड़ दिया है 

      केके पाठक का इस्तीफा ;  केके पाठक से इस्तीफे की मांग हमेशा राजनीतीज्ञ भी करते थे  | वे iइतने सख्त फैसले लेते थे की कभी कभी सरकार पर भी संकट आ जाता था जिसके वजह से बहुत से लोग इस्तीफे की मांग भी कर देते थे | लेकिन बताते चले की उन्होंने ने ये पद किसी के दवाव में नहीं छोड़ा बल्कि खुद ही छोड़ दिया है | उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को अपना इस्तीफा भेजा है | उन्होंने सामान्य विभाग को पत्र लिखकर स्वेच्छा से पद छोड़ने की जानकारी दी है | हालाँकि अभी तक सरकार की तरफ से उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया गया है | 



   Bihar :  केके पाठक ने बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के पद से स्तीफा दे दिया है उनहोने ये पद खुद ही छोड़ दिया है | बताते चले की शिक्षा स्तर को सुधार के लिए केके पाठक की हनक पुरे शिक्षा विभाग पर था | kकेके पाठक की वजह से शिक्षा विभाग में काफी सुधार हुआ , इनके द्वारा ली गई हर एक फैसले से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच जाता था , वो ऐसी  ऐसी फैसला लेते थे की  उनके फैसले से पूरा विभाग त्रस्त था  |जिसकी वजह से ये काफी सुर्खिओ में रहते थे वे काफी सख्त और तेज तरार ऑफिसर थे | उन्होंने जिस विभाग में गए उस विभाग में सुधार का काफी प्रयत्न किये तथा  सख्त फैसले लिए जिसकी वजह से विभाग के कुछ लोग नाराज भी हो जाते थे | 

      


मगध विश्वविद्यालय के VC प्रो. शशि प्रताप शाही हटाए गए, राज्यपाल ने लिया बड़ा एक्शन

  मगध विश्वविद्यालय VC प्रो. शशि प्रताप शाही हटाए गए, राज्यपाल ने लिया बड़ा एक्शन पटना: बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति ने बड़ा प्रशास...